STF, उत्तराखण्ड की बड़ी कार्यवाही – अन्तर्राज्यीय साइबर गिरोह के 02 सदस्य गिरफ्तार।

24 जुलाई। एसटीएफ की फाइनेंसियल फ्रॉड इकाई द्वारा I4C/NCRP पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण, तकनीकी सर्विलांस एवं डिजिटल इंटेलिजेंस के आधार पर STF की सटीक कार्रवाई बैंक खाते का परीक्षण किया गया, जिसका उपयोग विभिन्न साइबर वित्तीय धोखाधड़ी में किया जाना प्रकाश में आया। बैंक खाते से जुड़े मोबाइल नम्बर, लाभार्थी खातों एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से एक सक्रिय अन्तर्राज्यीय साइबर गिरोह का खुलासा हुआ।

प्राप्त सूचना एवं तकनीकी विश्लेषण के आधार पर STF टीम द्वारा आशारोड़ी चेकपोस्ट पर घेराबंदी कर राजस्थान नम्बर की स्कॉर्पियो वाहन संख्या RJ14U0140 को रोककर उसमें सवार 02 अभियुक्तों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निजी कम्पनियों में नौकरी एवं आसान लोन उपलब्ध कराने के नाम पर आकर्षक विज्ञापन Facebook एवं Instagram पर प्रसारित करते थे। इच्छुक व्यक्तियों से WhatsApp के माध्यम से सम्पर्क कर उनके नाम से ऑनलाइन IndusInd Bank के खाते खुलवाए जाते थे, जबकि उन खातों का मोबाइल नम्बर, इंटरनेट बैंकिंग एवं सम्पूर्ण नियंत्रण स्वयं अभियुक्त अपने पास रखते थे। बैंक किट एवं ATM कार्ड डाक के माध्यम से प्राप्त कर इन्हीं खातों का उपयोग OLX पर फर्जी तरीके से वाहन एवं अन्य सामान खरीदने-बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने एवं अन्य साइबर अपराधों में किया जाता था। उक्त अभियुक्तों के विरुद्ध साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन, देहरादून पर मु.अ.सं. 41/2026 धारा 318(4), 61(2) भारतीय न्याय संहिता एवं धारा 66D सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के अन्तर्गत अभियोग पंजीकृत कर गिरफ्तार किया गया है तथा अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्तगणों (1. राहुल मोहम्मद निवासी जिला डींग, राजस्थान
2. शिवांश उपाध्याय निवासी गोरखपुर (हाल निवासी लखनऊ) से पूछताछ के दौरान यह भी प्रकाश में आया कि गिरोह का एक अन्य सदस्य भी OLX प्लेटफॉर्म पर फर्जी सौदों के माध्यम से लोगों से धोखाधड़ी करता था, जबकि गिरफ्तार अभियुक्त बैंक खाते उपलब्ध कराने एवं धोखाधड़ी की धनराशि की निकासी का कार्य करते थे। अभियुक्त राहुल मोहम्मद ने वर्ष 2024 में राजस्थान राज्य में साइबर धोखाधड़ी के एक प्रकरण में जेल जाना प्रकाश में आया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान एवं गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। बरामद बैंक खातों, मोबाइल फोन एवं अन्य डिजिटल उपकरणों का फॉरेंसिक एवं तकनीकी परीक्षण कराया जा रहा है, जिससे गिरोह से जुड़े अन्य साइबर अपराधों का भी खुलासा होने की सम्भावना है।
*बरामदगी*
04 मोबाइल फोन (Samsung, iPhone, Lava एवं Redmi)
05 इंडसइंड बैंक किट (ATM कार्ड एवं चेकबुक सहित)
01 आधार कार्ड
₹15,000/- नकद
साइबर अपराध से संबंधित विभिन्न डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्य

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, स्पेशल टास्क फोर्स उत्तराखण्ड ने आमजन से अपील की है कि — OLX अथवा अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर खरीद-बिक्री करते समय किसी भी व्यक्ति द्वारा भेजे गए QR Code को स्कैन न करें, एडवांस भुगतान करने से पूर्व विक्रेता/खरीदार की पूर्ण सत्यता अवश्य जांच लें।
नौकरी या लोन दिलाने के नाम पर ऑनलाइन बैंक खाता खुलवाने अथवा अपना बैंक खाता, ATM कार्ड, चेकबुक या मोबाइल नम्बर किसी अन्य को उपलब्ध न कराएं। बैंक खाता कमीशन या किराये पर देना भी दण्डनीय अपराध है। किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं अथवा www.cybercrime.gov.in पोर्टल पर रिपोर्ट करें।
एसटीएफ टीम में ,,1.उ.नि. कुलदीप टमटा
2. उ.नि. जगमोहन
3. अ.उ.नि. मनोज बेनीवाल
3.कान्स. हरीश नेगी
4.कान्स. सुधीश खत्री
5.कान्स. सोहन बड़ोनी
कान्स. नितिन रमोला मौजूद थे।

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