काशीपुर. उत्तराखंड राज्य में मुड़ उद्योग को प्रोत्साहित किये जाने के लिए खाण्डसारी लाइसेंसिंग नीति निर्धारित है, जिसके तहत नई खाण्डसारी इकाई और कोल्हू को स्थापित किये जाने के लिए लाइसेंस दिया जाता है और पिछले पिराई सत्रों में दिये गये पावर खड़े कोल्हुओं के लाइसेंसों का नवीनीकरण किया जाता है।
श्री सुप्रिय मोहन, सहायक चीनी आयुक्त, उत्तराखण्ड ने बताया कि पिराई सत्र 2026-27 हेतु उत्तराखंड राज्य में लगभग 300 पावर खड़े कोल्हुओं के लाइसेंस आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उत्तराखंड राज्य में 450 से 500 पावर खड़े कोल्लू एवं 06 से 08 पादर केशर इकाईयां प्रत्येक वर्ष संचालित होती हैं। उत्तराखंड राज्य में पिराई सत्र 2020-27 हेतु पावर क्रेशर एवं पायर खड़े कोल्हुओं के लाइसेंस हेतु आवेदन करने की अंतिम तिथि 30-09-2026 निर्धारित है। इसके बाद कोई भी लाइसेंस आवेदन पत्र नहीं लिया जाएगा। अतः समस्त पावर क्रेशर एवं पावर खड़े कोल्हुओं के इकाई स्वामी संबंधित खाण्डसारी निरीक्षक कार्यालय में उपस्थित होकर दिनांक 30-09-2026 तक निश्चित रूप से लाइसेंस हेतु आवेदन करना सुनिश्चित करें, जिससे समय से लाइसेंस जारी किए जा सकें।








