ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल लगातार कर रहे निगरानी।

देहरादून 13 सितंबर । जनपद नैनीताल के ज्योलिकोट एवं आसपास के क्षेत्रों में जलजनित (वाटर-बॉर्न) बीमारियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में पर्याप्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। क्षेत्र में दैनिक स्थिति की उच्च स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।

स्वास्थ्य मंत्री ने जनपद के प्रभावित क्षेत्रों के समीपवर्ती प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा प्रभावित ग्रामीणों को त्वरित एवं बेहतर उपचार उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सा स्टाफ, विशेषज्ञ चिकित्सक, मोबाइल सर्विलांस टीमों एवं पर्याप्त संख्या में एंबुलेंस की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा ज्योलिकोट को निरंतर संचालित कर प्रभावित ग्रामीणों एवं क्षेत्रवासियों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

हल्द्वानी स्थित बेस अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भी चिकित्सा-उपचार की सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। निजी अस्पतालों का भी आवश्यक सहयोग लिया जा रहा है। सरकारी चिकित्सकों के साथ स्थानीय स्तर पर प्राइवेट चिकित्सकों एवं प्राइवेट नर्सिंग होम सहित प्रकोप प्रबंधन टीम का गठन किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग की अद्यतन रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी एवं निजी अस्पतालों में 199 प्रभावित व्यक्तियों में से 17 को आज चिकित्सा-उपचार हेतु भर्ती किया गया तथा 8 प्रभावितों को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज किया गया है। इस प्रकार अब तक 131 प्रभावित व्यक्तियों के स्वस्थ होने पर उन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी गई है, जिनमें 115 सरकारी एवं 16 निजी अस्पतालों से हैं।

प्रभावित क्षेत्र के 7 स्थानों—चौपड़ा, सरियाताल, बेलवाखान, गांग, भल्यूटी, ज्योलिकोट एवं बीरभट्टी—में आज स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार घर-घर सर्वेक्षण, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, प्रयोगशाला जांच एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। मरीजों के उपचार एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। प्रभावित क्षेत्रों के घरों में क्लोरीन टैबलेट की उपलब्धता आवश्यकता के अनुसार सुनिश्चित किए जाने पर भी विशेष बल दिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने मुख्य चिकित्साधिकारी को स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित रेखीय विभागों, विशेषकर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, के साथ समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आमजन से सुरक्षित/उबला हुआ पेयजल प्रयोग करने तथा संक्रमण के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेने की अपील दोहराई गई है।

राज्य सरकार प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है तथा नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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