5 नवंबर। उपनल कर्मियों की भांति डाटा एंट्री ऑपरेटरों को भी मिले समान कार्य-समान वेतन का लाभ- मोर्चा #प्रदेश भर के हैं लगभग 120 कार्मिक लाभ से वंचित! #15-20 वर्षों से अनवरत दे रहे हैं सेवाएं । #शासनादेशनुसार अब तक मिलता रहा है उपनल कर्मियों की भांति मानदेय। #मोर्चा कार्मिकों की पीड़ा को रखेगा सरकार के समक्ष । विकासनगर- जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएम के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि प्रदेश भर की तहसीलों में भूलेख केंद्रों पर लगभग 15-20 वर्ष से कार्यरत लगभग 120 कंप्यूटर ऑपरेटर्स/ डाटा एंट्री ऑपरेटर्स (उपनल कर्मियों से इतर)15-16 हजार रुपए में कार्य करने को मजबूर हैं,लेकिन इनकी पीड़ा को कोई सुनने वाला नहीं है। नेगी ने कहा कि राजस्व विभाग के शासनादेश जून 2016 के अनुसार इन कार्यरत कर्मियों को उपनल कर्मियों की भांति मानदेय दिए जाने का प्रावधान किया गया था और वर्तमान में उपनल के माध्यम से कार्योजित समस्त कार्मिकों को समान कार्य-समान वेतन का लाभ अनुमन्य कर दिया गया है, लिहाजा इस हिसाब से समस्त डाटा एंट्री ऑपरेटर्स भी समान कार्य- समान वेतन का लाभ पाने के हकदार हो गए हैं, इसलिए इन कार्मिकों को भी यह सुविधा अनुमन्य होनी चाहिए । नेगी ने कहा कि महंगाई के इस दौर में 15-16 हजार रुपए में परिवार का भरण- पोषण करना बहुत ही दुष्कर कार्य है, इसलिए इस संबंध में सरकार को गंभीरता से सोचना चाहिए ये कार्मिक खतौनियाँ तैयार करने के अलावा आर ओ आर वितरण, निर्वाचन संबंधी महत्वपूर्ण कार्य, जनगणना के समस्त कार्य आदि तमाम कार्यों का निर्वहन भी करते हैं मोर्चा शीघ्र ही इन कार्मिकों की पीड़ा को सरकार के समक्ष रखेगा ।
आईएस मौके पर बी एल टम्टा व अतुल हांडा मौजूद थे ।







