बांग्लादेश/उत्तराखंड 26 जुलाई। एसटीएफ की साइबर क्राइम पुलिस टीम देहरादून की बड़ी कार्यवाही, 25 लाख की साइबर धोखाधड़ी के मामले में अंतर्राज्यीय साइबर गिरोह के एक मुख्य सदस्य को अन्तराष्ट्रीय बार्डर (बांग्लादेश), नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल से अभियुक्त जियाउर गाजी निवासी पं0 बंगाल किया गिरफ्तार*
* *अभियुक्त द्वारा विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराए जाते थे।*
* *अभियुक्त के कब्जे से दो बैंकों के 02 डेबिट कार्ड, 03 सिम कार्ड एवं 03 मोबाइल फोन बरामद किए गए*
* *जांच में अभियुक्त के खातों के माध्यम से साइबर ठगी की रकम के ट्रांजेक्शन तथा अभिुयक्त के द्वारा चैक व एटीएम से धोखाधड़ी की धनराशी को आहरित किये जाने एंव संगठित साइबर अपराध में उसकी सक्रिय भूमिका के साक्ष्य प्राप्त हुए हैं।*
प्रकरण के सम्बन्ध में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ द्वारा जानकारी दी गई कि देहरादून के निवासी द्वारा साइबर ठगी के सम्बन्ध में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज करायी गयी। शिकायतकर्ता ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों द्वारा उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी ई-मेल आईडी एवं मोबाइल नम्बर परिवर्तित कर उनकी कम्पनी के बैंक खाते से लगभग 24.95 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गयी । शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर मु0अ0सं0 14/2026 धारा 318(4), 61(2) बीएनएस व 66डी आईटी एक्ट पंजीकृत किय़ा गया ।
प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए अभियोग के शीघ्र अनावरण हेतु आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये । साईबर क्राईम पुलिस द्वारा घटना में प्रयुक्त बैंक खातों/ रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बरों की जानकारी हेतु सम्बन्धित बैंकों, सर्विस प्रदाता कम्पनियों, मेटा आदि से पत्राचार कर डेटा प्राप्त किया गया। प्राप्त डेटा के विश्लेषण से अभियुक्तो को चिन्ह्ति करते हुये एक टीम पश्चिम बंगाल रवाना की गयी। पुलिस टीम द्वारा हाबरा बाजार, नार्थ 24 परगना, पश्चिम बंगाल से उक्त घटना में संलिप्त एक मुख्य अभियुक्त जियाउर गाजी (उम्र 40 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में अभियुक्त द्वारा साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने तथा इसके बदले आर्थिक लाभ प्राप्त करने की बात स्वीकार की गई। अभियुक्त के द्वारा स्वंय के करीब 12 खाते एंव अन्य विभिन्न व्यक्तियों के बैंक खाते खुलवाकर उनके एटीएम कार्ड, सिम कार्ड एवं बैंकिंग विवरण साइबर ठगों को उपलब्ध कराये जाते थे तथा खाते में आयी धोखाधड़ी की धनराशी को अभियुक्त के द्वारा चैक एंव एटीएम के माध्यम से स्वंय आहरित की जाती थी। अभियुक्त के द्वारा गाजी इन्टरप्राईजेज के नाम से फर्जी फर्म खोलकर कई बैकों में उक्त फर्म के नाम से खाते खुलवाये है।
*मुख्य तथ्य-*
जांच में पाया गया कि अभियुक्त जियाउर गाजी के IDBI में प्रथम लेयर में 11.95 लाख रुपये ट्रांसफर हुये थे। जिसके बाद उसके द्वारा उक्त धोखाधड़ी की धनराशी को दूसरी व तीसरी लेयर में क्रमशः अपने INDUSIND एंव CENTRAL BANK में ट्रांसफर किये गये।
अभियुक्त के द्वारा अपने INDUSIND BANK से करीब 7.00 लाख रुपये चैक के माध्यम से तथा शेष एटीएम के माध्यम से आहरित किये गये।
अभियुक्त के द्वारा संदिग्ध बैंक खाते का संचालन कर साइबर ठगी की धनराशि के लेनदेन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जा रही थी।
अभियुक्त के द्वारा संगठित साइबर अपराध गिरोह के लिए अन्य व्यक्तियों के भी बैंक खाते, एटीएम कार्ड एवं सिम कार्ड उपलब्ध कराने का कार्य करते थे।
अभियुक्तों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है। बरामद सामग्री को विधिवत सील कर कब्जे में लिया गया है तथा मामले की विवेचना जारी है।
पुलिस टीम में निरीक्षक आशीष गुसांई
उपनिरीक्षक रमन बिष्ट
अपर उपनिरीक्षक गोपाल सिंह
कान्स. नितिन रमोला मौजूद थे।









