देहरादून 3 जुलाई। दिनांक 01-07-2026 को वादीनी श्रीमती नितिशा वत्स निवासी सिक्का किमाया ग्रीन आईटी पार्क द्वारा थाना राजपुर पर एक लिखित तहरीर दी गई कि करीब 01 वर्ष पूर्व उनके द्वारा अपने घर में रखे हीरे व अन्य आभूषणों को ढूंढने का प्रयास किया गया तो वे उन्हें घर पर कहीं नहीं मिले, जिस पर उन्हें लगा कि उनके द्वारा उक्त आभूषणों को या तो अपने किसी रिश्तेदार को दे दिया है या कहीं ऐसे जगह रख दिया है जो उन्हें याद नहीं आ रहा है, किन्तु तब उन्हें बिल्कुल भी शक नहीं था कि उनके आभूषण किसी ने चुरा लिए हैं। कुछ दिन पूर्व उनके किसी परिचित द्वारा उन्हें बताया गया कि एक महिला ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट में हीरे का हार के साथ अपनी एक फोटो लगाई है जो उनके खोये/चोरी गए हीरे के हार से मिलता जुलता है, जिस पर उनके द्वारा उक्त फोटो को चैक किया गया तो उक्त फोटो उनकी पूर्व घरेलू सहायिका विमला की थी तथा उसके द्वारा फोटो में पहने गये आभूषण उनके पूर्व में खोये हुए आभूषणों से हूबहू मिलते जुलते थे। उन्हें शक है कि उनकी पूर्व घरेलू सहायिका द्वारा ही उक्त आभूषणों को घर से चोरी किया गया है। वादिनी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर तत्काल थाना राजपुर पर मु0अ0स0: 142/2026 धारा 306 बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।
घटना के अनावरण तथा अभियुक्ता की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा दिये गये निर्देशों पर तत्काल थाना राजपुर पर पुलिस टीम का गठन किया गया, गठित पुलिस टीम द्वारा घटना में संलिप्त अभियुक्ता के सम्बन्ध में जानकारी हेतु सुरागरसी पतारसी करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया तथा मुखबिर की सूचना पर दिनांक 03/07/2026 को घटना में शामिल महिला अभियुक्ता विमला को जोहड़ी रोड से गिरफ्तार किया गया। जिसकी निशानदेही पर पुलिस टीम द्वारा घटना में चोरी किये गये हीरे व सोने के आभूषण बरामद किये गये।
पूछताछ में अभियुक्ता (विमला पत्नी रंजीत निवासी ग्राम चकगामा, थाना पसीगमा, जनपद लखीमपुर खीरी, उत्तर प्रदेश, उम्र 34 वर्ष हाल निवासी बापू नगर, जाखन, देहरादून) द्वारा बताया गया कि वह श्रीमती नितिशा के आईटी पार्क स्थित घर में घरेलू सहायिका का कार्य करती थी। वादिनी के घर के एक कमरे के लॉकर में काफी महंगे आभूषण रखे हुए थे, जिन्हें वह अक्सर देखा करती थी, जिस कारण उसके मन में उन गहनो को चोरी कर लेने का लालच आ गया तथा करीब 01 वर्ष पूर्व उसके द्वारा मौका देखकर लॉकर से हीरे व सोने के कीमती आभूषण चुरा लिये। घर की मालकिन उस पर काफी भरोसा करती थीं, जिस कारण उन्हें उस पर शक नहीं हुआ तथा उसके द्वारा भी घर की मालकिन को अपने भरोसे में लेकर यकीन दिलाया कि उनके द्वारा उक्त गहनों को शायद कहीं अन्यत्र रख दिया है अथवा अपने किसी परिचित को दिया गया है। घटना को अंजाम देने के बाद वह उक्त चोरी किए गए आभूषणों में से कुछ आभूषणों को बेचना चाहती थी लेकिन हीरे व सोने के महंगे आभूषण होने के कारण वह बिक नहीं पाए। वह अब भी लगातार उन्हें बेचने का प्रयास कर रही थी पर अचानक इतने समय बाद वह पुलिस की गिरफ्त में कैसे आई यह उसे नहीं पता।
पुलिस टीम में 1- उ०नि० पी०डी० भट्ट, थानाध्यक्ष राजपुर
2- उ0नि0 अनित कुमार
3- म0उ0नि0 ज्योति पवार
4- कां0 अमित
5- कां0 मोहित
6- हे0कां0 किरण कुमार (एसओजी) मौजूद थे।








