काशीपुर 28 नवंबर। पेराई सत्र 2025-26 के लिये प्रदेश की चीनी मिलों द्वारा पेराई कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। चीनी मिलों द्वारा कुल 48.40 लाख कुंतल गन्ना पेराई करते हुए 3.63 लाख कुंतल चीनी का उत्पादन किया जा चुका है। बाजपुर चीनी मिल ने अब तक 92 हजार, नादेही ने 2 लाख 4 हजार, किच्छा ने 2 लाख 58 हजार, सितारगंज ने 10 लाख 29 हजार, डोईवाला ने 85 हजार, लिब्बरहेड़ी ने 14 लाख 36 हजार और लकसर ने 17 लाख 36 हजार गन्ने की पेराई की जा चुकी है।
आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि गन्ना कृषकों के गन्ने की निर्बाध आपूर्ति और उठान की व्यवस्था को दुरूस्त किये जाने के निर्देश सभी चीनी मिलों को दिये गये हैं। गन्ना किसानों को गन्ना आपूर्ति में असुविधा न होने पाये, इसके लिये प्रत्येक जनपदों के लिए नोडल अधिकारी नामित किये गये है, जिनके द्वारा गन्ना कृषकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण कराया जायेगा।
सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा गन्ना क्रय केन्द्रों की नियमित जांच की जायेगी और किसी प्रकार की अनियमितता पाये जाने और किसानों को गन्ना आपूर्ति में असुविधा की शिकायत प्राप्त होने पर सम्बन्धित के विरूद्ध विधिक कार्यवाही की जायेगी।
पेराई सत्र 2025-26 हेतु चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है, जिस सम्बन्ध में सभी गन्ना समितियों को गन्ना किसानों के मूल्य का तत्काल भुगतान कराये जाने के सख्त निर्देश दिये गये हैं, बिना किसी कारण के गन्ना मूल्य के भुगतान में विलम्ब किये जाने का मामला प्रकाश में आने पर सम्बन्धित सचिव प्रभारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही अमल में लायी जायेगी।
गन्ना किसानों से भी अनुरोध किया गया है कि चीनी मिलों को अगोला रहित और साफ-सुथरा गन्ना उपलब्ध करायें, जिससे कि चीनी परता में वृद्धि हो।





