31 जुलाई। सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग विभाग, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में आज दिनांक-31 जुलाई, 2026 की पूर्वान्ह 10:30 बजे उत्तराखण्ड शुगर्स मुख्यालय के सभागार कक्ष में अपर सचिव/प्रबन्ध निदेशक (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग / उत्तराखण्ड शुगर्स), आयुक्त (गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग), संयुक्त आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग व जनपद, देहरादून, हरिद्वार एवं ऊधमसिहंनगर के सहायक गन्ना आयुक्तों, महाप्रबन्धक (उत्तराखण्ड शुगर्स), समस्त चीनी मिलों के प्रधान प्रबन्धक / अधिशासी निदेशक व समस्त विभागाध्यक्षों एवं निजी क्षेत्र की चीनी मिलों के प्रतिनिधियों द्वारा प्रतिभाग किया गया, जिसमें सचिव, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग द्वारा चीनी मिलों के उपस्थित अधिकारियों को समीक्षा बैठक में निम्नवत् निर्देश दिये गयेः-
चीनी मिलों के आधुनिकीकरण, आत्मनिर्भर व व्यवहार्य बनाये जाने हेतु अपर सचिव / प्रबन्ध निदेशक के स्तर पर समिति का गठन किया जाय एवं गन्ने की पॉलिसी हेतु आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के स्तर पर समिति का गठन कर तीन माह के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध करायी जाय।
चीनी मिलों को तकनीकी रूप से व्यवहार्य बनाये जाने हेतु समिति का गठन किया जाय, जिसमें यथा-आवश्यकता निजी संस्थान के दक्ष लोगो को भी नामित किया जाय।
चीनी मिलों में उपलब्ध खाली भूमि पर इस प्रकार की कार्य योजना बनायी जाए, जिसमें चीनी मिलों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो।
चीनी मिलों के चरणबद्ध रूप से आधुनिकीकरण किये जाने हेतु वित्तीय सहायता / ऋण के लिए भारत सरकार एवं राज्य सरकार के अधीन ऐसी संस्थाओं को प्रस्ताव प्रेषित किया जाय, जो चीनी मिलों को वित्तीय सहायता / ऋण प्रदान कर सके।
कार्यालयों में उपलब्ध अभिलेखों का वीडिंग कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।
चीनी मिलों को क्षमता के अनुरूप गन्ना उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित किया जाय।









