हरिद्वार एवं देहरादून जनपदों में गाना क्षेत्रफल में कमी पर सहायक गन्ना आयुक्तों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक दें अपना अपना स्पष्टीकरण : त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ।

काशीपुर 21 जुलाई। आगामी पेराई सत्र 2026-27 हेतु प्रदेशान्तर्गत गन्ना सर्वेक्षण एवं विकास कार्यों की समीक्षा के सम्बन्ध में आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड श्री त्रिलोक सिंह मर्तोलिया द्वारा दिनांक 21 जुलाई, 2026 को प्रदेश के समस्त सहायक गन्ना आयुक्तों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों की एक बैठक आहूत की गयी। बैठक में आयुक्त द्वारा समीक्षा दौरान पाया गया कि जनपद ऊधमसिंह नगर में गन्ना क्षेत्रफल में प्रगति हुई है परन्तु जनपद हरिद्वार एवं देहरादून के गन्ना क्षेत्रफल में कमी आई है। गन्ना क्षेत्रफल कमी होने के सम्बन्ध में स्थिति स्पष्ट किये जाने के निर्देश दिये गये। बैठक में आयुक्त द्वारा गन्ना सर्वेक्षण में दर्शित हो रही ओवरलैपिंग को सही किये जाने एवं जीरो कोड में दर्ज गन्ना क्षेत्रफल को सम्बन्धित कृषक के नाम दर्ज कराये जाने के निर्देश दिये गये। विभाग/समितियों की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने के लिए खाद गोदामों को ऑनलाईन किये जाने के सम्बन्ध में प्रभावी कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये गये। ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को निर्देशित किया गया कि अपने परिक्षेत्रों में गन्ना क्षेत्रफल में बढोत्तरी हेतु गन्ना किसानों को प्रशिक्षण, गोष्ठियां एवं अधिक से अधिक गन्ना किसानों से सम्पर्क स्थापित कर उन्हें गन्ने की खेती हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिये गये। गन्ना बुवाई से पूर्व अधिक से अधिक गन्ना किसानों की भूमि का मृदा परीक्षण कराये जाने के निर्देश ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को दिये गये। गन्ने की खेती को लाभप्रद और सुरक्षित व्यवसाय बनाने के लिए विभाग और किसानों को मिलकर काम करना होगा, जिसके लिए किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़े जाने का प्रयास किये जायें।

इस बैठक में संयुक्त गन्ना एवं चीनी आयुक्त श्रीमती हिमानी पाठक, प्रचार एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री नीलेश कुमार, सहायक गन्ना आयुक्त श्री शैलेन्द्र सिंह, श्री आशीष नेगी एवं श्री कपिल मोहन उपस्थित रहे।

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