काशीपुर 1 जून। पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों एवं गन्ना सर्वेक्षण कार्यों की समीक्षा हेतु आज कार्यालय गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उत्तराखण्ड, काशीपुर में गूगल मीट के माध्यम से एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उत्तराखण्ड श्री त्रिलोक सिंह मर्तोलिया द्वारा की गई, जिसमें प्रदेश के विभिन्न जनपदों के अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया।
बैठक में प्रदेशभर में संचालित गन्ना सर्वेक्षण कार्य की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर गन्ना एवं चीनी आयुक्त महोदय ने कहा कि गन्ना सर्वेक्षण कार्य पेराई सत्र की आधारशिला है तथा कृषकों के हितों से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। अतः सर्वेक्षण कार्य पूर्ण पारदर्शिता, शुद्धता एवं समयबद्धता के साथ संपादित किया जाना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिए कि गन्ना सर्वेक्षण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर दिनांक 30 जून, 2026 तक शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्धारित मानकों के अनुरूप फील्ड स्तर पर सर्वेक्षण की जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे सर्वेक्षण कार्य की गुणवत्ता एवं पारदर्शिता बनी रहे। आयुक्त महोदय ने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा दोषी पाए जाने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में अवगत कराया गया कि दिनांक 31 मई, 2026 तक प्रदेश में कुल 43085 हेक्टेयर क्षेत्रफल में गन्ना सर्वेक्षण कार्य पूर्ण किया जा चुका है। समीक्षा के दौरान जनपद हरिद्वार एवं ऊधम सिंह नगर के कुछ क्षेत्रों में सर्वेक्षण कार्य में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित सहायक गन्ना आयुक्तों को प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। गन्ना आयुक्त महोदय ने बताया कि विभाग द्वारा डिजिटल तकनीक को बढ़ावा देते हुए मोबाइल एप आधारित कृषक प्रोफाइल प्रणाली विकसित कराई जा रही है, जिसके माध्यम से कृषकों की कृषि संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगी। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन, तकनीकी परामर्श एवं कृषक हित से संबंधित सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बैठक में विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि अधिकाधिक कृषक चौपालों, गोष्ठियों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए, ताकि किसानों को गन्ना उत्पादन की नवीनतम तकनीकों, फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, उन्नत प्रजातियों, जल प्रबंधन तथा विभागीय योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि जागरूक एवं प्रशिक्षित कृषक ही अधिक उत्पादन एवं बेहतर आय प्राप्त कर सकते हैं। विभागीय गोष्ठियां किसानों और विशेषज्ञों के बीच संवाद का प्रभावी माध्यम हैं, जिनके माध्यम से कृषकों की समस्याओं का समाधान एवं वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है।
बैठक में प्रचार एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री नीलेश कुमार, सहायक गन्ना आयुक्त (मुख्यालय) श्री आशीष नेगी सहित जनपद हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधम सिंह नगर के सहायक गन्ना आयुक्तगण, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, गन्ना विकास निरीक्षक ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से उपस्थित रहे।








