मानव और वन्य जीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को लेकर मुख्यमंत्री और वन मंत्री के बीच हुई बैठक में लिए गए अहम फैसले।।।

देहरादून 6 दिसंबर। उत्तराखण्ड में हाल के दिनों में मानव–वन्यजीव संघर्ष के मामलों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के बीच भय और असमंजस का माहौल बना हुआ है। इसी संदर्भ में *मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी और वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल* के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें जनता की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कई निर्णय लिए गए।

मुख्य बिंदु :,,,,,

1. उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे
भालू व गुलदार की गतिविधियों से प्रभावित 20 वन प्रभागों में प्रत्येक प्रभाग को 50 सोलर लाइट, 25 बुश कटर सहित फॉक्स लाइट, ट्रैंकुलाइजिंग उपकरण एवं अन्य आवश्यक सामग्री तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि सुरक्षा और निगरानी को मजबूत किया जा सके तथा जनहानि की संभावना कम हो।

2. जनप्रतिनिधियों से सहयोग का आग्रह
वन मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने प्रदेश के सभी सांसदों एवं विधायकों से आग्रह किया है कि वे अपनी निधि से प्रभावित क्षेत्रों में मानव–वन्यजीव संघर्ष नियंत्रण हेतु सहायता प्रदान करें।

3. नोडल अधिकारी नियुक्त होंगे
पौड़ी गढ़वाल, रुद्रप्रयाग, चमोली, उत्तरकाशी जैसे संवेदनशील जिलों में राहत कार्य तेज करने तथा स्थितियों की उच्चस्तरीय निगरानी सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि “मानव–वन्यजीव संघर्ष को सरकार गंभीरता से ले रही है। मिशन मोड में काम किया जा रहा है।

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