27 अगस्त। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून पर पंजीकृत मु0अ0सं0 55/2025, धारा 318(4)/61(2) BNS एवं 66(D) IT Act की विवेचना में प्रकाश में आया कि आरोपियों द्वारा स्वयं को USA एवं भारत में शेयर मार्केट से जुड़ा बताकर शिकायतकर्ता को शेयर मार्केट/IPO में निवेश करने पर अधिक लाभ का झांसा दिया गया। इस प्रकार दिनांक 16.10.2025 से 18.11.2025 के मध्य विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹47,63,537/- जमा कराए गए।
इसी प्रकार पटेलनगर जनपद देहरादून से एसटीएफ को हस्तांतरित मु0अ0सं0 578/2025, धारा 318(4)/61(2) BNS एवं 66(D) IT Act में भी आरोपियों द्वारा शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर अधिक लाभ का झांसा देकर अक्टूबर 2025 में शिकायतकर्ता से विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹18,54,900/- जमा कराए गए।
विवेचना के दौरान बैंकिंग एवं तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण से Bank of Baroda खाता संख्या 00260200004876 (RAJAK & COMPANY) प्रकाश में आया, जिसका संबंध अभियुक्त राकेश कुमार रजक से पाया गया।
जांच में पाया गया कि साइबर ठगी से प्राप्त धनराशि को उक्त खाते में प्राप्त किया गया तथा बाद में RTGS आदि माध्यमों से अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया।
दोनों मुकदमों में उक्त खाते में क्रमशः ₹15,00,000/- एवं ₹12,20,000/-, कुल ₹27,20,000/- की धनराशि ट्रांसफर होना पाया गया।
उक्त बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक शिकायतें भी दर्ज पाई गई हैं, जिससे खाते के साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने की पुष्टि हुई।
👉🏿👉🏿👉🏿👉🏿 WhatsApp चैट से मिली महत्वपूर्ण डिजिटल कड़ी,,,
अभियुक्त राकेश कुमार रजक के कब्जे से पुलिस द्वारा जब्त मोबाइल फोन की जांच में अभियुक्त सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई के साथ हुई WhatsApp चैट प्राप्त हुई।
चैट के विश्लेषण से उक्त बैंक खाते की नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने तथा इसके एवज में कमीशन की धनराशि प्राप्त करने से संबंधित महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य सामने आए।
👉🏿👉🏿👉🏿पश्चिम बंगाल से गिरफ्तारी,,,
अभियुक्तों की साइबर ठगी में सक्रिय भूमिका पाए जाने पर एसटीएफ/साइबर क्राइम पुलिस टीम द्वारा पश्चिम बंगाल में दबिश देकर अभियुक्त राकेश कुमार रजक एवं सैयद शादाब अली को गिरफ्तार किया गया।
दोनों अभियुक्तों को स्थानीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर देहरादून लाया गया।
👉🏿👉🏿👉🏿मुख्य बिन्दु,,
• शेयर मार्केट/IPO में निवेश के नाम पर अधिक मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगी की गई।
• दोनों प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से लाखों रुपये विभिन्न बैंक खातों में जमा कराए गए।
• ठगी की धनराशि में से ₹27,20,000/- अभियुक्त राकेश कुमार रजक के बैंक खाते में ट्रांसफर हुए।
• उक्त बैंक खाते के संबंध में NCRP पोर्टल पर 19 से अधिक शिकायतें दर्ज पाई गईं।
• अभियुक्त द्वारा प्राप्त धनराशि को RTGS आदि माध्यमों से अन्य बैंक खातों में स्थानांतरित किया गया।
• अभियुक्त के मोबाइल से बरामद WhatsApp चैट में नेट बैंकिंग उपलब्ध कराने एवं कमीशन प्राप्त करने के महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिले।
• प्रकरण में शिकायतकर्ता के ₹12,00,000/- की होल्ड धनराशि की रिकवरी हेतु न्यायालय का आदेश संबंधित बैंक को प्रेषित किया जा चुका है।
• गिरोह में शामिल अन्य व्यक्तियों की भूमिका एवं ठगी की धनराशि की बरामदगी के संबंध में अग्रिम विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।
👉🏿👉🏿गिरफ्तार अभियुक्त,,
1. राकेश कुमार रजक, उम्र 40 वर्ष, निवासी 08 देशबन्धु रोड, वेस्ट बरानगर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल।
2. सैयद शादाब अली उर्फ करीम भाई, उम्र 32 वर्ष, निवासी एच-99, रामनगर लेन, गार्डन रीच, कोलकाता, पश्चिम बंगाल — खातों की खरीद-फरोख्त में मुख्य आरोपी।
👉🏿👉🏿👉🏿एसटीएफ/साइबर टीम
• निरीक्षक राजेश सिंह, विवेचक
• उ0नि0 हिम्मत सिंह
• कानि0 सोहन बडोनी
👉🏿👉🏿👉🏿STF की अपील,,,,,
जनता से अपील है कि शेयर मार्केट, IPO अथवा ऑनलाइन निवेश में अधिक मुनाफे का लालच देने वाले अज्ञात व्यक्तियों के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, मोबाइल नंबर अथवा बैंक खाते में धनराशि ट्रांसफर करने से पूर्व उसकी सत्यता अवश्य जांचें।
साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर कॉल करें तथा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।








