कृभको एवं जन्तु विज्ञान, हर्ष विद्या मंदिर कॉलेज रायसी द्वारा एक दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन।

रायसी, हरिद्वार 7 अक्टूबर। दिनांक 6 अक्टूबर को विद्या मंदिर कॉलेज, रायसी, हरिद्वार के जंतु विज्ञान विभाग एवं कृभको के संयुक्त तत्वावधान में किसानों एवं छात्र-छात्राओं में जैविक खाद, जैव उर्वरक, मृदा स्वास्थ्य तथा पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से किसान सभा, एक दिवसीय संगोष्ठी एवं कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों और विद्यार्थियों को मृदा की गुणवत्ता बनाए रखने, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उचित उपयोग तथा रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के प्रति जागरूक करना था।

कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. के. पी. सिंह, सचिव एवं ब्लॉक प्रमुख डॉ. हर्ष कुमार दौलत, हर्ष विद्या मंदिर कॉलेज के प्राध्यापक डॉ अजीत कुमार राव, मुख्य अतिथि श्री अनीश अहमद अंसारी तथा कृभको के अधिकारी श्री नितेश राजपूत द्वारा मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। दीप प्रज्वलन के साथ ही कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम के प्रारंभ में जंतु विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. नेहा सिंह ने सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, शिक्षकों, किसानों एवं छात्र-छात्राओं का स्वागत किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम किसानों, विद्यार्थियों और शिक्षण संस्थानों के बीच ज्ञान एवं अनुभव के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने मृदा स्वास्थ्य एवं टिकाऊ कृषि के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्री अनीश ने किसानों एवं छात्र-छात्राओं को जैविक खाद एवं जैविक कृषि के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जैविक खाद के नियमित एवं उचित उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरता को बनाए रखने में सहायता मिलती है। जैविक खाद मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने के साथ-साथ उसकी संरचना एवं जल धारण क्षमता में सुधार करने में सहायक होती है। उन्होंने किसानों को खेती में संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों के प्रयोग के लिए प्रेरित किया।

इसके बाद हर्ष विद्या मंदिर कॉलेज के रसायन विज्ञान विभाग की डॉ. अलका ने कृषि में रासायनिक उर्वरकों के संतुलित प्रयोग के विषय में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रासायनिक उर्वरक फसलों की पोषण आवश्यकताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन उनका आवश्यकता से अधिक एवं असंतुलित प्रयोग मृदा, जल एवं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। उन्होंने किसानों एवं विद्यार्थियों को उर्वरकों की सही मात्रा, सही समय एवं उचित विधि से उपयोग करने के लिए जागरूक किया।

कार्यक्रम के आयोजक एवं कृभको के अधिकारी श्री नितेश राजपूत ने जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने बताया कि जैव उर्वरक एवं जैविक खाद टिकाऊ कृषि व्यवस्था को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने किसानों को कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ मृदा की गुणवत्ता को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक एवं पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने किसानों और विद्यार्थियों को कृभको द्वारा कृषि क्षेत्र में किए जा रहे विभिन्न प्रयासों एवं किसानों के हित में संचालित गतिविधियों की जानकारी भी दी।

इसी क्रम में हर्ष विद्या मंदिर कॉलेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के डॉ. नरेंद्र कुमार ने जैविक उर्वरकों, मृदा स्वास्थ्य एवं फसलों के पोषण विषय पर विस्तृत व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ मिट्टी ही स्वस्थ एवं गुणवत्तापूर्ण फसल उत्पादन का आधार है। उन्होंने मृदा में आवश्यक पोषक तत्वों की भूमिका, जैविक पदार्थों के महत्व तथा फसलों के बेहतर पोषण के लिए संतुलित उर्वरक प्रबंधन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

कार्यक्रम के दौरान किसानों एवं छात्र-छात्राओं ने विशेषज्ञों से कृषि, जैविक खाद, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरकों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों द्वारा उनके प्रश्नों का वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत किया गया। इस संवादात्मक सत्र से किसानों एवं विद्यार्थियों को कृषि की आधुनिक एवं टिकाऊ तकनीकों को समझने का अवसर प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम के अंत में जंतु विज्ञान विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर रश्मि नौटियाल द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों, वैज्ञानिकों, वक्ताओं एवं शिक्षकों का धन्यवाद दिया गया​। उन्होंने सभी अतिथियों एवं वक्ताओं का कार्यक्रम में अपना बहुमूल्य समय देने तथा किसानों एवं विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करने के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण आकर्षण मृदा की गुणवत्ता एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यशाला रही, जिसमें उपस्थित किसानों, छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस गतिविधि के माध्यम से उपस्थित लोगों को मृदा संरक्षण, स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण तथा टिकाऊ कृषि के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन कृभको के श्री नितेश राजपूत तथा हर्ष विद्या मंदिर कॉलेज की डॉ. नेहा सिंह एवं रश्मि नौटियाल के संयुक्त प्रयासों से किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. प्रकृति द्विवेदी, श्री दीपक कुमार, एवं डॉ. वर्षा रानी का विशेष योगदान रहा l डॉ. प्रियंका सैनी, डॉ. मंजू रानी, डॉ. हेमंत, डॉ. प्रदीप, डॉ. ललित मोहन, डॉ मनोज, डॉ स्मृति, डॉ. शिल्पी सहित महाविद्यालय के अन्य शिक्षकों एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर उपस्थित किसानों एवं छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम को ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें कृषि एवं पर्यावरण से जुड़े विषयों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझने में सहायता करते हैं। कार्यक्रम के माध्यम से मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, जैविक खाद एवं जैव उर्वरकों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा पर्यावरण-अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूकता का महत्वपूर्ण संदेश दिया गया।

कार्यक्रम का समापन सभी उपस्थित अतिथियों, किसानों, छात्र-छात्राओं, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here