काशीपुर 17 मार्च। आगामी पेराई सत्र के दृष्टिगत गन्ना सर्वेक्षण, विभागीय योजनाओं तथा विकास कार्यों की समीक्षा के उद्देश्य से आज कार्यालय गन्ना एवं चीनी आयुक्त, उत्तराखण्ड, काशीपुर स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता गन्ना एवं चीनी आयुक्त श्री त्रिलोक सिंह मर्तोलिया द्वारा की गई।
बैठक के दौरान आयुक्त महोदय ने चीनी मिलों को निर्देशित किया कि गन्ना पेराई के अनुरूप स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करते हुए गन्ना मूल्य एवं गन्ना विकास अंशदान का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर समितियों को सुनिश्चित किया जाए।
आयुक्त महोदय द्वारा गन्ना क्षेत्रफल बढ़ाने हेतु गन्ना विभाग के सभी फील्ड स्तरीय कार्मिकों/अधिकारियों तथा चीनी मिलों को विशेष प्रयास किए जाने के निर्देश दिए गए, जिससे पेराई सत्र 2026-27 में चीनी मिलों को उनकी क्षमता के अनुरूप पर्याप्त गन्ने की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
आयुक्त महोदय द्वारा पेराई सत्र 2025-26 में चीनी मिलों को दिए गए ऑफर के सापेक्ष गन्ने की आपूर्ति की समीक्षा की गई तथा ऑफर के अनुरूप कम गन्ना आपूर्ति पर रोष व्यक्त किया गया।
आयुक्त महोदय ने कोल्हुओं के संचालन की भी गहन समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनके लाइसेंस एवं विभागीय नीति के अनुरूप संचालन की नियमित एवं सूक्ष्म जांच की जाए। निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता अथवा विभागीय नीति का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में वर्ष 2025-26 के अंतर्गत क्रय केन्द्रों के निरीक्षण हेतु निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष किए गए निरीक्षणों की समीक्षा भी की गई। साथ ही गन्ना बुवाई के निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप प्रगति तथा गन्ना बीज वितरण की स्थिति की समीक्षा करते हुए समस्त सहायक गन्ना आयुक्तों एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षकों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के निर्देश दिए गए।
इसके अतिरिक्त सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिवों को निर्देशित किया गया कि समितियों की बैलेंस शीट समयबद्ध रूप से अद्यतन की जाए तथा समितियों के माध्यम से वितरित ऋण की शत-प्रतिशत वसूली हेतु ठोस कार्ययोजना बनाकर प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में प्रचार एवं जनसम्पर्क अधिकारी श्री नीलेश कुमार, सहायक गन्ना आयुक्त (मुख्यालय) श्री आशीष नेगी, सहायक गन्ना आयुक्तगण हरिद्वार, देहरादून एवं ऊधम सिंह नगर, समस्त ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक, सहकारी गन्ना विकास समितियों के सचिव तथा विभिन्न चीनी मिलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






