देहरादून 13 अक्टूबर। दिनांक 12/10/2026 की रात्रि में प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर को गोपनीय रूप से सूचना प्राप्त हुयी की पश्चिमी उ0प्र0 के 02 शातिर ठग, जो वशीकरण का ढोंग करके लोगो से ठगी करते है, चमन विहार क्षेत्र में किराये पर रह रहे है, जिनके द्वारा कुछ अन्य व्यक्तियों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनके फर्जी बैक खाते खुलवाये गये है, जिनका इस्तेमाल वे लोगों से ठगी में कर रहे है। प्राप्त सूचना पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर द्वारा पुलिस टीम के साथ चमन विहार फेज -1 स्थित आशियाना होम्स में औचक छापेमारी की कार्यवाही की गयी। कार्यवाही के दौरान पुलिस द्वारा मौके से 02 व्यक्तियों सलमान पुत्र रियाजुल निवासी शामली उ0प्र0 तथा शाहरूख पुत्र शाहिद निवासी जानसठ मुज्जफरनगर को संदिग्धता के आधार पर हिरासत मे लिया गया, जिनके कब्जे से पुलिस को उनके तथा अन्य लोगों के नाम के आधार कार्ड, पेन कार्ड, एटीएम कार्ड, बैक पासबुक, ड्राइविंग लाइसेन्स, चैक बुक व अन्य दस्तावेज बरामद हुये।
बरामद दस्तावेजों के सम्बन्ध में सख्ती से पूछताछ करने पर अभियुक्तों द्वारा बताया गया कि उनके द्वारा लोगो को वशीकरण करने का ढोंग करके उनकी समस्याओ को दूर करने के नाम पर ठगी की जाती है तथा लोगो से ठगी करने के लिये उनके द्वारा अपने तथा अन्य लोगो के फर्जी पते के उक्त आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाये गये थे, जिनका इस्तेमाल करके उनके द्वारा लोगो से ठगी का पैसा प्राप्त करने के लिये बैकों में अलग-अलग खाते खुलवाये गये थे। दोनो अभियुक्तों को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार करते हुये उनके विरूद्ध कोतवाली पटेलनगर पर मु0अ0सं0- 753/26, धारा 3(5)/318(4)/336(3)/338/340(2) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया है।
अभियुक्तों से पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुयी कि दोनो अभियुक्त विगत डेढ माह से पटेलनगर क्षेत्रान्तर्गत चमन विहार में किराये पर रह रहे है तथा मूल रूप से शामली तथा मुज्जफरनगर के रहने वाले है। अभियुक्तो द्वारा खुद को तांन्त्रिक बताकर लोगो को वशीकरण करने का झूठा ढोंग करके भोले भाले लोगो के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम दिया जाता था। अभियुक्तों द्वारा लोगो से ठगी करने के लिये विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स पर खुद को वशीकरण विशेषज्ञ/ज्योतिषाचार्य/शास्त्री/तांत्रिक बताते हुये गोपनीय तरीके से तांन्त्रिक उपायों, सिद्दि अनुष्ठानों के माध्यम से लोगों को वशीकरण करने तथा पारिवारिक/अन्य समस्याओं को सुलझाने से सम्बन्धित विज्ञापनों को प्रचारित प्रसारित किया गया था तथा उक्त विज्ञापनों में अपनी पहचान को छुपाते हुये लोगो से सम्पर्क हेतु केवल अपने मोबाइल नम्बर दिये गये थे, जिनके माध्यम से वे लोगो से सम्पर्क कर उनकी समस्याओं को तंत्र विद्या के माध्यम से हल करने का झांसा देकर उनसे धोखाधड़ी से पैसे प्राप्त करते थे।
अभियुक्तों (1- शाहरूख पुत्र शहीद निवासी ग्राम चित्तौड़ थाना जानसठ, जनपद मुज्जफरनगर, उ0प्र0, उम्र- 26 वर्ष
2- सलमान पुत्र रियाजुल निवासी राजौवाला मस्जिद के पास मौहल्ला राजौवाला, शामिली, उ0प्र0, उम्र- 24 वर्ष) द्वारा ठगी के प्रयोजन से अपने तथा 02 अन्य व्यक्तियों दिलनवाज पुत्र समीम तथा मौ0 भूरा के नाम से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज बनाये गये थे, जिसमें उनके द्वारा मूल पते के तौर पर अपने किराये के पते को अंकित किया गया था। जिनका उपयोग करके अभियुक्तों द्वारा दिलनवाज तथा मौ0 भूरा के नाम से अलग- अलग बैकों में फर्जी खाते भी खुलवाये गये थे, जिनका उपयोग अभियुक्त ठगी की रकम को प्राप्त करने के लिये करने वाले थे। अभियुक्तों से पूछताछ में उनके द्वारा अब तक 100 से अधिक लोगो के साथ ठगी की घटनाओं को अंजाम देना तथा उनके निजी व फर्जी बैक खातों में भी ठगी की घटनाओं में प्राप्त धनराशि का लेन देन होने सम्बन्धी तथ्य प्रकाश में आये है, जिनके सम्बन्ध में जानकारी की जा रही है।
पुलिस टीम में 1- निरीक्षक नरेश सिंह राठौड़, प्रभारी कोतवाली पटेलनगर
2- उ0नि0 आशीष कुमार, चौकी प्रभारी बाजार
3- का0 राजदीप मलिक
4- का0 विक्रान्त
5- का0 अरशद
6- का0 पंकज मौजूद थे।




