काशीपुर 11 जून। सहकारी गन्ना विकास समिति लि०, लकसर, जनपद हरिद्वार खाद की कालाबाजारी की शिकायत प्राप्त होने पर पूर्व में तत्कालीन सचिव प्रभारी सूरजभान को निलम्बित किया गया था। इसी क्रम में प्रदेश अन्य गन्ना समितियों में गन्ना किसानों को खाद वितरण में पारदर्शी प्रक्रिया अपनाये जाने हेतु सभी सहायक गन्ना आयुक्तों को गन्ना समितियों के सभी खाद गोदामों एवं उनमें उपलब्ध खाद/उर्वरक / कीटनाशक के स्टॉक का सत्यापन किये जाने के निर्देश दिये गये। प्राप्त निर्देशों के अनुपालन में सहायक गन्ना आयुक्त, हरिद्वार ने गन्ना समिति लकसर के खाद गोदाम लकसर-ए एवं लकसर-बी का औचक निरीक्षण किया गया एवं इस सम्बन्ध में खाद गोदामों के भौतिक सत्यापन के लिए गठित की गई कमेटी द्वारा गन्ना समिति, लकसर के खाद गोदाम लकसर-ए एवं लकसर-बी में स्टॉक पंजिका के अनुसार विभिन्न उर्वरकों / कीटनाशकों के स्टॉक एवं उक्त खाद गोदामों में वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक के सत्यापन उपरान्त 189 कट्टों का अन्तर पाया गया है, जिसमें श्री ज्ञानप्रताप, सचिव प्रथम ग्रेड गन्ना समिति, लकसर को अंकन रूपये 27.35 लाख की वित्तीय हानि पहुंचाने तथा चोरी/गबन किये जाने के दोषी पाये गये, जिसका गम्भीरता से संज्ञान लेते हुए ज्ञान प्रताप सिंह, सचिव प्रथम गेड को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है।
आयुक्त गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड श्री त्रिलोक सिंह मर्तोलिया ने बताया कि गन्ना बुवाई हेतु खाद, उर्वरक एवं कीटनाशक आदि समय से किसानों को उपलब्ध कराये जाने का दायित्व विभाग/समिति का है। आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया है कि समिति कार्यकलापों में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी और खाद वितरण में अनियमितता बरतने वाले और कालाबाजारी करने वाले अधिकारियों/कार्मिकों के विरूद्ध कठोर कार्यवाही की जायेगी।







