देहरादून 4 जून। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने आज चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्राचार्यों एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक में प्रतिभाग करते हुए प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों एवं स्वास्थ्य संस्थानों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को उसके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक एवं किफायती स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर सुधार और संसाधनों का विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं सभी मेडिकल कॉलेजों में उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा, जिससे कार्डियोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, नेफ्रोलॉजी जैसी उन्नत चिकित्सा सुविधाएं आमजन को सुलभ हो सकेंगी।
बैठक में मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की उपलब्धता, सुपर स्पेशियलिस्ट पदों के सृजन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की खरीद, पीपीपी मोड पर संचालित परियोजनाओं की प्रगति तथा आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण से संबंधित विषयों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में ट्रॉमा सेंटर, न्यूरो सर्जरी उपकरणों एवं बीएलएस/एएलएस एम्बुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराने तथा अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के विस्तार हेतु आवश्यक व्यवस्थाओं को शीघ्र पूर्ण करने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत बनाने के लिए आवश्यक मानव संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सेवानिवृत्त चिकित्सकों की संविदा पर नियुक्ति, मेडिकल कॉलेजों में तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती तथा दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत चिकित्सा कार्मिकों के लिए प्रोत्साहन संबंधी प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश भी दिए।
श्री उनियाल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का सशक्तीकरण केवल आधारभूत संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आमजन को समय पर बेहतर उपचार उपलब्ध कराने का माध्यम भी है। राज्य सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है और भविष्य में भी स्वास्थ्य क्षेत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाते रहेंगे।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।







