प्रदेश सरकार के ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति जारी की गई है।

13 सितंबर। प्रदेश सरकार के ने पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना आपूर्ति एवं सट्टा नीति जारी की गई है। माननीय मंत्री की पहल पर इस वर्ष पहली बार महिला कृषकों को प्राथमिकता दी गई है। श्री त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड द्वारा सट्टा नीति जारी करते हुए गन्ना किसानों के गन्ने की पारदर्शिता के साथ समय से आपूर्ति कराये जाने, समय से पर्ची निर्गत किये जाने और गन्ना मूल्य का भुगतान कराये जाने के निर्देश सहायक गन्ना आयुक्तों और सभी चीनी मिलों को दिये हैं।

👉महिला सशक्तिकरण

पहली बार इस वर्ष महिला सशक्तिकरण के दृष्टिगत महिला कृषकों को गन्ना फसल की आपूर्ति 20 प्रतिशत की प्राथमिकता के साथ पेराई सत्र के प्रारम्भ से करायी जायेगी।

👉छोटे किसानों को प्राथमिकता

99 कुंतल तक के सट्टा धारक के छोटे किसानों को उनकी पेड़ी गन्ने की पर्चियां 01 एवं 02 पखवाड़े में और 100 से 144 कुंतल तक के सट्टा धारक किसानों को उनकी पेड़ी गन्ने की पर्चियां 01, 02 एवं 03 पखवाड़े में जारी की जायेंगी।

👉 बेसिक कोटा

वर्ष 2023-24 में आई प्राकृतिक आपदा/अतिवृष्टि के कारण गन्ने की फसल को हुए नुकसान के दृष्टिगत कृषक द्वारा पेराई सत्र 2023-24 में की गई गन्ना आपूर्ति को छोड़कर विगत 02 पेराई सत्रों अथवा विगत 03 पेराई सत्रों में की गयी गन्ना आपूर्ति का औसत, इनमें से जो अधिक हो, के अनुसार बेसिक कोटा निर्धारित किया जायेगा।

👉समयबद्ध भुगतान

सट्टा नीति का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय से पर्ची उपलब्ध कराना और गन्ना मूल्य का भुगतान कराया जाना है। जिससे प्रदेश में गन्ना उत्पादन में वृद्धि होगी, परिणामस्वरूप गन्ना किसानों की आय में भी वृद्धि होगी।

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