हरिद्वार: हर की पैड़ी हरिद्वार ब्रह्मकुंड के पास ट्रांसफॉर्मर पर आकाशीय बिजली गिरने से एक दीवार ध्वस्त होने से हर की पैड़ी के प्लेटफॉर्म को भारी नुकसान हुआ है। राहत की बात यह है कि घटना रात में होने की वजह से वहां लोग मौजूद नहीं थे। गंगा सभा के पदाधिकारी इसी दीवार के नीचे बैठते हैं।इतना ही नहीं जिन जगहों पर दीवार का मलबा गिरा है वहां पर आरती के समय हजारों लोग भी बैठते हैं तीर्थ पुरोहितों का कहना है कि ऐसा पहली बार हुआ है।

तीर्थ पुरोहित इसे अपशकुन मान रहे हैं, उनका कहना है कि प्रशासन ने कोरोना काल में ना तो गंगा सप्तमी में श्रद्धालुओं को स्नान करने दिया और न ही पूजा पाठ करने दी, सोमवती अमावस्या पर भी किसी को गंगा स्नान नहीं करने दिया जिसके चलते ऐसा हुआ ज्योतिषाचार्य प्रतीक मिश्र पुरी का कहना है कि पूरे सावन मास में किसी को भी जल भर के शिवालयों तक नहीं जाने दिया और यह सब अपशकुन इसलिए हो रहे हैं, उनका कहना है कि शासन-प्रशासन सोशल डिस्टेंसिंग के साथ गंगा में स्नान और पूजा-पाठ करने की इजाजत दे। साथ ही हर की पैड़ी को नाला घोषित किया हुआ है उसे दोबारा से गंगा का दर्जा अपने सरकारी कागजों में दे।






