हरिद्वार 11 मार्च। हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज, रायसी के जंतु विज्ञान विभाग, करियर प्लेसमेंट सेल तथा रेशम निदेशालय, पथरी बाग, हरिद्वार (उत्तराखंड) के संयुक्त तत्वावधान में द्वि-दिवसीय (2 दिनों का)बेसिक सेरीकल्चर प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं कौशल विकास कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातकोत्तर छात्राओं को सेरीकल्चर क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान प्रदान करते हुए उन्हें स्वरोजगार एवं रोजगार के लिए सक्षम बनाना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष डॉ. के. पी. सिंह द्वारा हरी झंडी दिखाकर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण स्थल हेतु रवाना कर किया गया। इस अवसर पर प्रबंध समिति के सचिव डॉ. हर्ष कुमार दौलत ने जंतु विज्ञान विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए स्वरोजगार एवं करियर उन्नयन के नए अवसर सृजित करते हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आदित्य गौतम ने छात्र-छात्राओं को कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता, प्रासंगिकता एवं उपयोगिता पर विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान किया।
जंतु विज्ञान विभाग एवं सेरीकल्चर विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट डायरेक्टर अर्जुन सिंह के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण सत्र के प्रारंभ में अर्जुन सिंह द्वारा रेशम कीट पालन की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी विस्तारपूर्वक प्रदान की गई। सेरीकल्चर इंस्पेक्टर आयुष कुमार ने सिल्कवर्म की प्राकृतिक हीजीवविज्ञान पर प्रकाश डाला, जबकि सेरीकल्चर इंस्पेक्टर मो. उवेश द्वारा सेरीकल्चर के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया।
हर्ष विद्या मंदिर पीजी कॉलेज की जंतु विज्ञान विभाग प्रभारी डॉ. रश्मि नौटियाल ने छात्र-छात्राओं को सेरीकल्चर क्षेत्र में स्वरोजगार प्रारंभ करने हेतु सरकार द्वारा संचालित योजनाओं, चौकी हाउस निर्माण के लिए उपलब्ध वित्तीय सहायता एवं विभिन्न प्रोत्साहन योजनाओं की जानकारी दी। जंतु विज्ञान की अ प्रोफेसर डॉ. नेहा सिंह ने रेशम विभाग में उपलब्ध सरकारी नियुक्तियों एवं रोजगार संभावनाओं से विद्यार्थियों को अवगत कराया।सेरीकल्चर इंस्पेक्टर मंजू वर्मा ने प्रतिभागियों को चौकी रियरिंग का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। इसी क्रम में शाजान अली द्वारा रेशम कीट के जीवन चक्र एवं शहतूत की उन्नत खेती के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। सेरीकल्चर इंस्पेक्टर कविता सैनी ने कोकून उत्पादन तकनीक तथा सेरीकल्चर के विविध व्यावहारिक आयामों पर विस्तार से प्रशिक्षण प्रदान किया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर डिस्ट्रिक्ट इंचार्ज अर्जुन सिंह द्वारा सभी प्रतिभागियों को द्वि-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में सफल सहभागिता के उपलक्ष्य में प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। साथ ही भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक एवं कौशल उन्मुख कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की प्रतिबद्धता व्यक्त की गई।
विद्यार्थियों एवं प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं रोजगारपरक बताया।कार्यक्रम में रेशम निदेशालय, पथरी बाग के अर्जुन सिंह, आयुष कुमार, मो. उवेश, मंजू वर्मा, शाहजान अली, कविता सैनी, डॉ. रश्मि नौटियाल, डॉ. नेहा सिंह एवं दीपक कुमार उपस्थित रहे।





