काशीपुर 4 नवंबर। पेराई सत्र 2025-26 हेतु आयुक्त, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग, उत्तराखण्ड द्वारा प्रदेश की चीनी मिलों को गन्ना क्रय केन्द्र आवंटित किये जाने के लिए गन्ना सुरक्षण आदेश जारी किये गये हैं। जनपद ऊधमसिंह नगर की सहकारी, सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की 04 चीनी मिलों को कुल 126 गन्ना क्रय केन्द्र आवंटित किये गये हैं। जनपद हरिद्वार की निजी क्षेत्र की चीनी मिल इकबालपुर के इतर 02 निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को 311 गन्ना क्रय केन्द्र तथा जनपद देहरादून की सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिल डोईवाला को 57 गन्ना क्रय केन्द्र आवंटित किये गये। इस प्रकार पेराई सत्र 2025-26 हेतु प्रदेश अन्तर्गत कुल 494 गन्ना क्रय केन्द्र आवंटित किये गये हैं। जनपद ऊधमसिंह नगर में अनुमानित 145 लाख कुन्तल तथा जनपद हरिद्वार/देहरादून में लगभग 571 लाख कुन्तल गन्ना उत्पादन का अनुमान है। चीनी मिल इकबालपुर द्वारा पेराई सत्र 2024-25 का सम्पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान न किये जाने के कारण चीनी मिल क्षेत्र के गन्ना क्रय केन्द्रों को प्रदेश की अन्य चीनी मिलों को व्यावर्तित इस शर्त के साथ किया गया है, कि यदि चीनी मिल इकबालपुर द्वारा पेराई सत्र 2024-25 के सम्पूर्ण गन्ना मूल्य का भुगतान किया जाता है तो चीनी मिल को गन्ना क्रय केन्द्रों के आवंटन पर विचार किया जायेगा। पेराई सत्र 2024-25 के अवशेष गन्ना मूल्य की वसूली किये जाने हेतु चीनी मिल के विरूद्ध वसूली प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है। चीनी मिलों को समय से पेराई कार्य प्रारम्भ किये जाने और आवंटित सभी गन्ना क्रय केन्द्रों को संचालित किये जाने के निर्देश दिये हैं, सभी चीनी मिलें समानुपातिक आधार पर क्रय केन्द्रों से गन्ना क्रय करेंगी। गन्ना उठान की व्यवस्था को दुरूस्त किये जाने के निर्देश चीनी मिलों को दिये गये हैं। गन्ना क्रय केन्द्रों तथा चीनी मिलों में भी कृषकों हेतु आवश्यक मूलभूत व्यवस्थाऐं भी सुनिश्चित की जायें, जिससे गन्ना किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न आये। आवंटित क्रय केन्द्रों में तौल लिपिकों की नियमित रूप से नियमानुसार तैनाती की जाये। आयुक्त द्वारा बताया गया कि विभागीय अधिकारियों द्वारा क्रय केन्द्रों का नियमित रूप से निरीक्षण किया जायेगा तथा घटतौली किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जायेगी, यदि किसी गन्ना क्रय केन्द्र में गन्ना तौल कार्य में अनियमितता उजागर होती है, तो सम्बन्धित के विरूद्ध वैधानिक कार्यवाही अमल में लायी जायेगी। चीनी मिलों को समय से किसानों के गन्ना मूल्य का भुगतान किये जाने के भी निर्देश दिये गये हैं।




