किरण–कश्मीर (जम्मू एंड कश्मीर) मुख्य संपादक/संवाददाता तरुण मोहन। आजाद भारत से अब तक जितनी भी सरकारें आई उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में काम करने की बड़ी-बड़ी बातें करी,, इसी क्रम में आज हम बात करने वाले हैं आजाद भारत के सबसे खूबसूरत प्रदेशों में से एक जिसको जमीन पर जन्नत कहा जाता है कश्मीर,,,उसका एक बहुत खूबसूरत क्षेत्र और साथी अति संवेदनशील क्षेत्र जो कि भारत पाकिस्तान के पाक अधिकृत कश्मीर के बॉर्डर पर स्थित एक स्थान है जिसका नाम है केरन, कुछ समय पहले हम भ्रमण पर गए थे ।
जम्मू और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों में अपने भ्रमण के दौरान हम पहुंचे भारत और पाकिस्तान के पाक अधिकृत कश्मीर वाले क्षेत्र की सीमा पर जहां पर कृष्ण गंगा बहती है , उसी कृष्ण गंगा के इस तरफ भारत का प्रथम गांव है जहां पर आजादी से लेकर सन 2022 तक बिजली के तारों से स्थाई बिजली की व्यवस्था नहीं की गई थी । सरकारें आई और गई केंद्र की भी और जम्मू कश्मीर राज्य की भी उनमें से किसी भी सरकार ने वहां पर बिजली पहुंचाने और रोड पहचाने हेतु कोई भी काम नहीं किया।
लोग वहां पर जहां तहां अपने ही हाल पर जीने और मरने को मजबूर कर दिए गए थे। फौजी भी कम सुविधाओं के साथ उक्त बॉर्डर पर देश की रक्षा करते आ रही थी। पर फिर भी तत्कालीन सरकारों ने ना केंद्र ना राज्य ने वहां पर उनकी सुध ली थी। बिना कंक्रीट का पक्का मार्ग एवं बिना बिजली के उसे अति संवेदनशील इलाके को ऐसे ही छोड़ दिया गया था। लेकिन सन 2014 में एनडीए की सरकार के आने के बाद वहां बिजली पहुंची साथ ही साथ मोटर मार्ग का भी तीव्र रफ्तार से निर्माण किया जा रहा है इसके हम स्वयं साक्षी बने। साथ ही वहां के स्थानीय लोगों ने हमें बताया कि 2022 में पहली बार बिजली के खंभे और तार के माध्यम से उनके घर रोशन हुए उनके घर बिजली का संयोजन उन्हें प्राप्त हुआ साथ ही साथ सड़क मार्ग की भी बेहतरीन व्यवस्था काफी तेज रफ्तार से देखने को मिल रही है। स्थानी लोगों की मांग है कि भारत सरकार यदि करतारपुर कॉरिडोर की तरह केरल से भी हिंदुओं के पवित्र स्थान माता शारदा को दर्शन करने वाले श्रद्धालु हेतु एक कॉरिडोर दोनों देशों की सहमति से यदि बना दे तो स्थानीय लोगों का आजीविका का एक बेहतर साधन प्राप्त होने के साथ-साथ भारत के लोगों को उनके पवित्र स्थान माता शारदा पीठ पहुंचकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का भी मौका प्राप्त होगा। साथ ही साथ इस सरकार के अर्थात एनडीए सरकार के गठन के बाद वहां पर केरण बॉर्डर में दोनों देशों के बीच की आपसी झड़पें अब लगभग शून्य हो चली क्योंकि भारत सरकार ने फौजी को खुले हाथ पूरी ताकत सौंप दी है जिसका असर अब वहां पर लगभग 0 आतंकी घटनाओं के रूप में भी देखने को स्पष्ट मिल जाता है। पूरे जम्मू एवं कश्मीर के लोगों साथ ही वहां पर आने वाले पर्यटकों की सुरक्षा हेतु भारतीय फौज की चप्पे चप्पे पर पानी नजर रहती है जो कि काबिले तारीफ है। स्थानी जनता भी भारत सरकार एवं भारतीय फौज से प्राप्त सुविधा एवं सुरक्षा से गद गद है।




